आज हम आपको छत्तीसगढ में बोले जाने वाली भाषा छत्तीसगढ़ी से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराने जा रहे हैं। कीआखिर यह भाषा क्या है , इस भाषा की क्या महत्व है? यह भाषा कहां तक अपनी विशिष्टता बनाने में सफल रही है। आदि तमाम बिंदुओं पर हम क्रमवार चर्चा करेंगे।


छत्तीसगढ़ी बोली है या भाषा ? 

गांधी जी ने कहा था कि ' राष्ट्रभाषा राष्ट्र की पहचान होती है और मातृभाषा राज्य की पहचान होती है।'

वस्तुत: छत्तीसगढ़ की मातृभाषा छत्तीसगढ़ी है जो जन जन की संपर्क भाषा है । छत्तीसगढ़ी भाषा छत्तीसगढ़ के आम बोलचाल, हाट बाजार, अस्पताल, खदान, खेत , कार्यालय में काम करने वाले कर्मचरियों के आम व्यवहार की भाषा है।

इसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ी भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में शामिल नहीं है। परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ी को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिलने के कारण छत्तीसगढ़ी आज भी बोली ही समझी जाती है।

अतः हम कह सकते हैं कि छत्तीसगढ़ी में भाषा के सभी गुण होने के बाद भी आज छत्तीसगढ़ी एक बोली के रूप में ही मान्य है। छत्तीसगढ़ राजभाषा विधेयक 2007 द्वारा छत्तीसगढ़ी को छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजभाषा घोषित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराना , छत्तीसगढ़ी के भाषा साहित्य का संरक्षण एवं संवर्धन है, ताकि इसे पूरे देश में भाषा के रूप में मनाया मिल सके।


आठवीं अनुसूची में शामिल होने पर छत्तीसगढ़ी भाषा को क्या फायदा होगा ? 

संविधान के अनुच्छेद 350 ( क) के अन्तर्गत भारतीय भाषाओं की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में छत्तीसगढ़ी शामिल नहीं है ।यही वह सबसे बड़ी बाधा है जो उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने से रोक रही है।

1. छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल हो जाने पर राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में छत्तीसगढ़ी को एक विषय के रूप में मान्यता प्राप्त हो जाएगी।

2. साहित्य अकादमी द्वारा प्रतिवर्ष आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं पर साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया जाता है। आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी के शामिल हो जाने पर छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों को भी राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो सकेगा। एवं छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्यकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

3. राज्यसभा, लोकसभा, विधानसभा में छत्तीसगढ़ी भाषा न केवल प्रयुक्त होने लगेगी बल्कि छत्तीसगढ़ी भाषा में शपथ भी लिया जा सकेगा।

4. केंद्र सरकार द्वारा भारतीय भाषाओं के विकास शोध के लिए मिलने वाला अनुदान छत्तीसगढ़ी भाषा को भी प्राप्त हो सकेगा।