किताबें, जो संघर्ष के दरमियान खास दोस्त की तरह साथ निभाती हैं।
Books, which are with us as a special friend during the struggle.
अच्छी किताबें किसी गुरु से कम नहीं होती हैं। जब भविष्य की मीठी धुन तीखी बनकर आँखों के सामने नाचने लगे, तब अच्छी किताबों से मिलने वाली प्रेरणा हर कदम पर आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करती है। वहीं कई बार ये ज़िंदगी के भयानक उतार-चढ़ाव भरे दौर में किसी खास दोस्त की भूमिका निभाते हुए सही दिशा दिखाने में भी कारगर साबित होती हैं। किसी उपन्यास या फिर किसी कहानी का पात्र पाठक की जिंदगी पर गहरा प्रभाव डालता है। पाठक चाहे या अनचाहे रूप से उस पात्र के चरित्र के साथ अपने चरित्र को जोड़कर देखना शुरू कर देता है। इस तरह के एक सुप्रसिद्ध वाकये की बात करें तो प्रेमचंद द्वारा लिखे गए ‘सोजे-वतन’ को कौन भूल सकता है। उस कहानी संग्रह के पात्रों और विषय का ही तो खौफ था जिस वज़ह से अंग्रेज़ी हुकूमत ने इस किताब को प्रतिबंधित कर दिया था और उसकी पाँच सौ प्रतियाँ जला डाली थीं। शायद अंग्रेज़ी हुकूमत को खौफ यह था कि इस किताब को पढ़कर देश की आवाम स्वतंत्रता की लड़ाई में कूद पड़ेगी। तो आइये, आज कुछ ऐसी ही अच्छी किताबों से रूबरू होते हैं जो हमारी ज़िंदगी की आपाधापी और संघर्ष के दरमियान किसी खास दोस्त की तरह साथ निभा सकती हैं।
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